भारत सरकार के फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्मेंट ने राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए एक नया आदेश जारी किया है। जिसके अनुसार अब राशन लेने के लिए ओटीपी (OTP) आधारित व्यवस्था को समाप्त किया जा रहा है और लाभार्थियों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट या आधार आधारित पहचान) को अनिवार्य बनाया जा रहा है।
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि सरकारी राशन सही व्यक्ति तक पहुंचे और किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा न हो। मंत्रालय ने राशन दुकानों के ऑपरेटर्स को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नए नियमों का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आखिर क्यों खत्म किया जा रहा है राशन कार्ड ओटीपी सिस्टम?
पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों के अलावा छत्तीसगढ़ में भी राशन वितरण के लिए ओटीपी आधारित सुविधा शुरू की गई थी। इसके तहत लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाता था और उसी के आधार पर राशन दिया जाता था। लेकिन इस व्यवस्था में कई तरह की समस्याएं सामने आने लगी। ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या, लाभार्थियों के मोबाइल नंबर बदल जाना, परिवार के सभी सदस्यों के पास मोबाइल न होना और कुछ मामलों में धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आने लगी थीं। इन कारणों से सरकार ने अब बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
राशन कार्ड बायोमेट्रिक सत्यापन क्या है?
राशन कार्ड बायोमेट्रिक सत्यापन का मतलब है कि राशन प्राप्त करने वाले व्यक्ति की पहचान उसके फिंगरप्रिंट या आधार से जुड़े बायोमेट्रिक डेटा के माध्यम से की जाएगी। इससे ये सुनिश्चित होगा कि राशन उसी व्यक्ति को मिले, जो वास्तव में उसका हकदार है। इस प्रक्रिया में लाभार्थी को राशन दुकान पर ई-पीओएस मशीन में अपना अंगूठा या उंगली लगानी होगी। सत्यापन पूरा होते ही उसे निर्धारित मात्रा में राशन समान उपलब्ध करा दिया जाएगा।
किन लोगों पर राशन कार्ड बायोमैट्रिक का नया नियम लागू होगा ?
सरकार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार जिन परिवारों के सभी सदस्यों की उम्र 5 वर्ष से अधिक है और उनका आधार प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है, उन्हें राशन प्राप्त करने के लिए राशन कार्ड बायोमेट्रिक प्रकिया से गुजरना होगा। इसके अलावा जिन लाभार्थियों का आधार सीडिंग और ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, उनके लिए ओटीपी की सुविधा बंद कर दी जाएगी। यानी अब केवल बायोमेट्रिक पहचान के आधार पर ही राशन वितरण किया जाएगा।
किन परिस्थितियों में राशन कार्ड बायोमेट्रिक की छूट मिलेगी ?
कुछ विशेष परिस्थितियों में सरकार ने राहत भी दी है। यदि किसी व्यक्ति की उंगलियों के निशान सही तरीके से मशीन में नहीं आ रहे हैं या टेक्निकल समस्या आ रही है, तो स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई जा सकती है। उसी प्रकार 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए राशन कार्ड बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य नहीं होगा। ऐसे मामलों में परिवार के अन्य अधिकृत सदस्य के माध्यम से राशन प्राप्त किया जा सकेगा।
राशन दुकानदारों को क्या निर्देश दिए गए हैं?
फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्मेंट ने राशन दुकानदारों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि वे बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के राशन वितरण न करें। यदि कोई संचालक पुराने ओटीपी सिस्टम के आधार पर राशन वितरित करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि सभी राशन दुकानों में ई-पीओएस मशीनों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए और लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए।
इस फैसले से क्या होगा फायदा?
नए नियम से फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और सरकारी अनाज का दुरुपयोग कम होगा। साथ ही पात्र परिवारों को उनके हक का राशन समय पर मिल सकेगा। राशन कार्ड बायोमेट्रिक व्यवस्था से राशन वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। इसके अलावा सरकार को भी वास्तविक लाभार्थियों का सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, जिससे योजनाओं के बेहतर संचालन में मदद मिलेगी।
निष्कर्ष
सरकार द्वारा राशन वितरण व्यवस्था में किया गया यह बदलाव पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब ओटीपी आधारित प्रणाली की जगह बायोमेट्रिक सत्यापन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसलिए सभी राशन कार्डधारकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने आधार कार्ड को राशन कार्ड से लिंक कराएं और ई-केवाईसी की प्रक्रिया समय पर पूरी कर लें, ताकि भविष्य में राशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस नए नियम का उद्देश्य केवल इतना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही और पात्र लोगों तक बिना किसी परेशानी के पहुंच सके।



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