अवि मानिकपुरी स्वर्ण पदक विजेता

कुछ साल पहले तक शायद ही किसी ने सोचा होगा कि छत्तीसगढ़ का एक युवा खिलाड़ी इंटरनेशनल मंच पर भारत की जीत का अहम हिस्सा बनेगा। लेकिन बिलासपुर के रहने वाले अवि मानिकपुरी ने ये कर दिखाया है।

जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत में छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ी अवि मानिकपुरी की रोल काफी महत्वपूर्ण रहा।

भारत की इस बड़ी सफलता के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में स्थित मुख्यमंत्री निवास में अवि मानिकपुरी से मुलाकात की और उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उस दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी वहां मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ी अपनी मेहनत, अनुशासन और टेलेंट के दम पर नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अवि मानिकपुरी की सफलता राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणा है और ये साबित करता है कि अगर सही अवसर और मजबूत डिसीजन हो, तो छत्तीसगढ़ की प्रतिभाएं इंटरनेशनल मंच पर भी अपनी पहचान बना सकती हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रहा है। स्पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और संसाधनों की उपलब्धता से राज्य के युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर मौका मिल रहा है।बिलासपुर के रहने वाले अवि मानिकपुरी आज भारत के उभरते हुए हॉकी सितारों में गिने जा रहे हैं।

उनकी ये उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।एक छोटे से शहर से निकलकर इंटरनेशनल लेवल पर भारत को स्वर्ण पदक दिलाने तक का सफर…

यह कहानी बताती है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *